आज शाहजहांपुर जेेल में गांधी जयंती व शास्त्री जयंती धूमधाम से मनायी गई। सर्वप्रथम जेेल के मुख्य द्वार पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने उपस्थित होकर जेेल अधीक्षक की अगुवाई में ध्वजारोहण कर सलामी दी। तथा गांधीजी व शास्त्रीजी के चित्र पर माल्यार्पण किया।
जेेल के अन्दर प्रांगण में सभी महिला व पुरुष बंदियों की उपस्थिति में जेेल के सर्वाधिक बुजुर्ग महिला व पुरुष बंदी के द्वारा ध्वजारोहण कराकर गांधीजी व शास्त्रीजी की तस्वीर पर माल्यार्पण कराया गया। बंदियों से ध्वजारोहण व माल्यार्पण का उद्देश्य बंदियों में आत्मसम्मान व आत्मविश्वास लाना है।
तत्पश्चात महिला व पुरुष बंदियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। जिसमें गांधीजी की प्रिय धुन " रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम। ईश्वर अल्लाह तेरे नाम, सबको सन्मति दे भगवान। " तथा उनका प्रिय भजन " वैष्णव जन तो तेने कहिए, पीर पराई जाने रे।" महिला व पुरुष बंदियों द्वारा प्रस्तुत किए गए। राष्ट्र भक्ति के गीतों के साथ साथ नवरात्र के पावन पर्व पर देवी मां के भक्तिरस से भरे गीत भी पेश किए गए।
महिला बंदियों के साथ रह रहे मासूम बच्चों ने इन भक्ति गीतों पर जमकर नृत्य किया।
सभी बच्चों को उनके पसंदीदा खाद्य पदार्थ - चिप्स, कुरकुरे, चाकलेट, बिस्कुट, फल भेंट किए गए। तथा सभी महिला-पुरुष बंदियों को फल भेंट किए गए। फलों की व्यवस्था जिला मजिस्ट्रेट महोदय व जिला पूर्ति अधिकारी के सौजन्य से की गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी श्री बी एस डोलिया उपस्थित होकर बंदियों को फल भेंट किए।
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