जनप्रतिनिधि मौन, जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं नजर आ रहीं वेंटीलेटर पर
सिवनी । प्रदेश के सिवनी जिले में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह वेंटीलेटर पर ही नजर आ रही हैं। कोरोना कोविड ( Corona Kovid ) 19 के प्रकरण भले ही प्रशासन के आंकड़ों में कम हों पर सिवनी के भाजपा विधायक ( BJP MLA ) दिनेश राय एवं कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राज कुमार खुराना के द्वारा लॉक डाऊन की हिमायत ( Advocates of lockdown ) करने से गड़बड़झाले की उम्मीद ( Hope of mess )बलवती होती दिख रही है।
स्वास्थ्य विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया ( News agency of india )को बताया कि पुलिस विभाग में कार्यरत ( Working in police department )एक कर्मचारी की महिला परिजन को बुखार आदि की शिकायत होने पर उनके परिजन उन्हें शुक्रवार को अपरान्ह लगभग 11 बजे एक निजि अस्पताल में ले गए। निजि अस्पताल ( Private hospital ) में कोविड जांच की सुविधा नहीं होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय ( District hospital ) ले जाया गया।
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सूत्रों ने बताया कि जब महिला के परिजन उन्हें लेकर इंदिरा गांधी जिला अस्पताल ( Indira Gandhi District Hospital )पहुंचे तो वहां भी उन्हें इस वार्ड से उस वार्ड में भेजा गया। उक्त महिला की कोविड की जांच नहीं हो पाने से उसे किस वार्ड में भर्ती ( Admitted to ward )किया जाए, इस पर ही संशय बरकरार रहा। इसके बाद जब वे उन्हें लेकर ट्रामा केयर यूनिट ( Trauma Care Unit ) के लिए बने भवन जहां कोविड की जांच की जा रही है में पहुंचे तो वहां काफी देर इंतजार करने के बाद उन्हें यह कहकर वहां से रूखसत कर दिया गया कि कोरोना कोविड 19 की जांच ( Corona Covid 19 investigation ) की किट ही उपलब्ध नहीं है।
सूत्रों की मानें तो इसके बाद पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मचारी ( Police Department Employees )के परिजन उक्त बुजुर्ग महिला को शहर के दूसरे निजि अस्पताल लेकर गए। निजि अस्पताल ( Private hospital ) में कोविड की जांच नहीं हो पाई और अस्पताल प्रशासन ( Hospital administration )के द्वारा यह कह दिया गया कि उनके अस्पताल में कोविड वार्ड एवं अन्य वार्ड में एक भी पलंग रिक्त नहीं हैं।
सूत्रों ने बताया कि इस पूरी कवायद में सुबह 11 बजे से शाम के 05 बज गए और उक्त महिला की न तो जांच हो पाई और ना ही उनका कोविड टेस्ट ही हो पाया। शाम को बुजुर्ग महिला का निधन हो गया।
प्रशासनिक विज्ञप्तियों में सब कुछ नियंत्रण में
प्रशासन के द्वारा जनसंपर्क कार्यालय ( Public relations office ) के माध्यम से रोजाना जारी होने वाली विज्ञप्तियों में बीस से कम मरीज रोज ही मिलने की बात कही जा रही है। अगर प्रशासन की विज्ञप्तियां ( Administration releases ) सही हैं तो सिवनी में हालात चिंताजनक नहीं हैं, पर अगर सिवनी के कमोबेश हर अस्पताल में बिस्तर भरे हैं तो इसकी जांच प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ( Chief Medical and Health Officer in charge of investigation ) के द्वारा अब तक की जाकर वस्तु स्थिति से संबंधित विज्ञप्तियां क्यों नहीं जारी की जा रही हैं!
हो रहे हैं वीडियो वायरल
इधर, सत्ताधारी भाजपा के जिलाध्यक्ष आलोक दुबे, भाजपा के सिवनी विधायक दिनेश राय, विपक्ष में बैठी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राज कुमार खुराना आदि के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें उनके द्वारा जिले की स्थिति संतोष जनक नहीं बताई जा रही है को क्या माना जाए!
वेक्सीन हो गई समाप्त!
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया ( News agency of india )को आगे बताया कि इसके साथ ही साथ शुक्रवार को सिवनी के जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र ( Training Center ) में अपरान्ह बाद कोरोना वेक्सीनेशन ( Corona vaccination )के लिए वेक्सीन समाप्त होने पर अनेक लोगों को वापस भेजा गया। इस तरह का प्रबंधन चल रहा है जिले के स्वास्थ्य विभाग ( health Department )में। इस मामले में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. लोकेश चौहान को लगातार ही फोन लगाकर वस्तु स्थिति की जानकारी चाही गई किन्तु उन्होंने फोन उठाने की जहमत नहीं उठाई!

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