नवीन फाउंडेशन के तीन वर्ष पूर्ण होने पर “राम रस बरसे” काव्य एवं भजन संध्या संपन्न
उदयपुर। नवीन फाउंडेशन के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नवीन मोगरी की पुण्य स्मृति में “राम रस बरसे” काव्य एवं भजन संध्या का भावपूर्ण आयोजन बालेश्वर महादेव मंदिर, बालाजी एंक्लेव, सविना, सेक्टर-14, उदयपुर में किया गया। कार्यक्रम में भक्ति, काव्य, संगीत और आध्यात्मिक भावनाओं का सुंदर संगम देखने को मिला। रामभक्ति के साथ कृष्ण और शिव भक्ति की प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भक्तिमय वातावरण में हुआ। माया पानेरी ने “हरी हरी दूब चढ़ाऊँ” प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भक्ति रस से सराबोर किया। इसके बाद सुदेश चौधरी ने “राम का केवल नाम नहीं, राम की मर्यादा” के माध्यम से भगवान राम के जीवन और उनके मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। डॉ. सरस्वती जोशी ने “इस धरती पर कभी किसी को सबका प्यार नहीं मिलता” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जबकि डॉ. दीप्ति पंड्या ने “हे राम आओ” के माध्यम से राम के प्रति अपनी भावनात्मक पुकार को स्वर दिया।
मधु सहगल ने “देखा एक स्वप्न सूरदास ने” प्रस्तुत किया। दीपक मोगरी ने “आज मुझे भी तुझसे पड़ गया काम, बोलो राम राम” के माध्यम से श्रोताओं को राम नाम के स्मरण से जोड़ा। दीपिका स्वर्णकार ने “कहाँ खोजूँ तुझे मैं राधा” प्रस्तुत कर कृष्ण-राधा के प्रेम और भक्ति की भावभूमि को जीवंत किया। सुनीता निमिष ने “ऐ री सखी, मैं शिव हो जाऊँ” की प्रस्तुति से शिवभक्ति का भाव जगाया।
इसी क्रम में कुसुम भारद्वाज ने “रहना सदा निज धाम को”, हेमा कपुरिया ने “तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार” तथा अमित व्यास ने “मेरे राम, मेरे राम, तुम बिन कौन हमारा राम” की प्रस्तुति दी। अमित व्यास की प्रस्तुति ने राम के प्रति आत्मीय समर्पण और विश्वास की भावना को स्वर दिया।
कार्यक्रम में विनोद उपाध्याय ने बांसुरी वादन प्रस्तुत किया। उन्होंने “गोविंद बोलो, हरि गोपाल बोलो” की मधुर धुनों से वातावरण को कृष्णमय कर दिया। इसके बाद गरिमा खंडेलवाल ने “राम मेरे मन में है” तथा कामिनी रावल ने “सिवा शिव के दूजा सहारा नहीं है” प्रस्तुत कर राम और शिव भक्ति की भावधारा को आगे बढ़ाया। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुतियों में नेहल शर्मा ने “अच्युतम् केशवम्” प्रस्तुत कर श्रोताओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का संचालन नवीन फाउंडेशन की प्रबंध निदेशक अर्चना चावला ने किया। उन्होंने अपनी सहज एवं प्रभावी संचालन शैली से सभी प्रस्तुतियों को एक सूत्र में पिरोते हुए कार्यक्रम की भाव-धारा को बनाए रखा। उनके संचालन ने कार्यक्रम को गरिमा और आत्मीयता प्रदान की।
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया। भजन, काव्य और बांसुरी वादन के माध्यम से कार्यक्रम ने नवीन मोगरी की पुण्य स्मृति को एक भावपूर्ण सांस्कृतिक श्रद्धांजलि का रूप दिया।
इस अवसर पर नवीन फाउंडेशन की तीन वर्ष की सेवा-यात्रा को भी स्मरण किया गया। संस्था द्वारा सामाजिक सरोकारों और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए भविष्य में भी इसी सेवा भावना को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया। फाउंडेशन का मूल भाव “सेवा ही है लक्ष्य” कार्यक्रम में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
“राम रस बरसे” केवल एक भजन संध्या नहीं रही, बल्कि यह भक्ति, काव्य, संगीत और स्मृति का ऐसा संगम बनी, जिसमें नवीन मोगरी की पुण्य स्मृति को श्रद्धा के साथ याद करते हुए सेवा और संस्कृति की यात्रा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ।
रिपोर्ट : दीपक मोर्गि

COMMENTS