Coronavirus ) के खिलाफ पूरे देश में युद्ध जारी है. महामारी बन चु के इस वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों पर ब्रेक लगाने के लिए सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर रखा है. इसी बीच महाराष्ट्र ( Maharashtra ) के जालना जिले में जानेफल पंडित गांव में कोरोना संक्रमण के खौफ से लोगों ने गांवों को छोड़ खेतों में रहना शुरू कर दिया है.
चार हजार की जनसंख्या वाले इस गांव के ज्यादातर घरों में आज ताला लगा हुआ है, गांव में सन्नाटा है
इसका कारण सिर्फ लॉकडाउन नहीं है. दरअसल, तीन दिन पहने गांव के 200 परिवारों ने अपना घर छोड़कर खेतों में रहना शुरू कर दिया है. इसका कारण पूछने पर ग्रामीणों ने बताया कि लॉकडाउन के कारण शहरों से बड़ी संख्या में लोग गांवों की ओर पलायन कर रहे हैं. शहर से लौट रहे इन लोगों से ग्रामीणों को संक्रमण का डर सता रहा है. जिस कारण उन्होंने गांव छोड़कर खेतों में रहने का फैसला किया है.
गांव से खेतों की ओर रहने गए ग्रामीण रमेश पंडित बताते हैं कि वे अपने परिवार के 9 सदस्यों के साथ खेतों में रह रहे हैं. उन्होंने खेत में बनी एक शेड में छोटा सा घर बसा लिया है. रमेश ने कहा कि लॉकडाउन की घोषणा के बाद लोग घरों में रहने लगे थे, लेकिन शहरों से गांव की ओर पलायन कर रहे लोगों की खबर से हम घबरा गए थे. उन्होंने बताया कि वायरस के संक्रमण से बचने के लिए वे हर एहतियात बरतते है. अपने बाल-बच्चों को कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए हमने ये फैसला लिया है.
वहीं ग्रामीण सरला तायडे ने खेतों में तंबू लगाकर अपना घर बसाया है. उन्होंने बताया कि परिवार के किसी सदस्य को कोरोना ना हो इसलिए हम गांव को छोड़कर खेत में एक कुटिया बनाकर रहने लगे हैं. जब तक ये कोरोना खत्म नहीं होगा, तब तक हम लोग खेत में ही रहेंगे. बताते चलें कि इस गांव मे अभी तक कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है.कोरोना का खौफ: इस गांव के 200 परिवारों ने खेतों को बनाया अपना आशियाना.. संवाददाता (दयाशंकर पारीक)


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