देवघर: सोमवार रात्रि करीब 8:10 बजे नगर थाना क्षेत्र के हरि शरणम कुटिया कालीराखा निवासी अनिल सिंह के घर में घुसकर उनकी पत्नी व पुत्र की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अनिल कुमार सिंह के बयान पर 3 नामजद सहित 4-5 अग्यात आरोपी पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। दर्ज प्राथमिकी में अंकित गुप्ता, विवेक मंडल व एक नाबालिग को प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है। प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने अंकित गुप्ता सहित एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जो कि नाबालिग है और देवघर के एक प्राइवेट स्कूल का छात्र है। उक्त नाबालिग आरोपी के पिता झारखंड पुलिस में जैप में हवालदार के पद पर कार्यरत हैं। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के पास एक गोदाम में लगे सीसीटीवी फुटेज को प्राप्त किया है। जिसके आधार पर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को छोड़कर अन्य तीन आरोपियों की पहचान कर ली है। सभी आरोपियों में से दो आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं। जबकि अन्य तीन आरोपी बालिग हैं। उपरोक्त पांचों के अलावा तीन-चार और लोगों की संलिप्तता की आशंका जाहिर की जा रही है। पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही चिन्हित आरोपियों के परिजनों को थाना बुलाकर उनके संदर्भ में पूछताछ भी किया जा रहा है।
3 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने किया शवों का पोस्टमार्टम
मृतक अमित सिंह और उसकी मां अरुणा देवी की शवों का मंगलवार को डॉक्टरों की 3 सदस्यीय टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। शवों का पोस्टमार्टम डॉक्टर प्रेम प्रकाश के नेतृत्व में किया गया जबकि 3 सदस्यीय टीम में उनके अलावे डॉक्टर प्रभात रंजन व डॉ दिवाकर पासवान शामिल थे। डॉ प्रभात रंजन ने बताया कि अमित के सीने में एक गोली मारी गई थी जो कि उसके बॉडी में फंसी हुई थी। जिसे पोस्टमार्टम के दौरान बाहर निकाला गया। जबकि अमित की मां अरुणा देवी को कंधे के समीप गोली मारी गई थी जो नीचे आते हुए उसके पेट के समीप से बाहर निकल गई थी। उसके शरीर में कोई बुलेट मौजूद नहीं था। शवों का पहले एक्स-रे कराया गया। जिसके बाद डॉक्टरों द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है।
कई हत्याकांड में संलिप्त रहे एक गिरोह के सरगना की इशारे पर हत्या की बात आ रही है सामने
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कई हत्याकांड, रंगदारी सहित अन्य मामलों में नामजद एक आरोपी के गिरोह से मामले को जुड़ा हुआ देखा जा रहा है। मृतक अमित सिंह जब जेल में बंद था। उस दौरान उक्त गिरोह के एक सदस्य जो हत्या के आरोप में जेल में बंद था। उसके साथ जेल के भीतर बकझक व विवाद होने की बात पुलिस द्वारा बताई गई है। पुलिस द्वारा यह भी जानकारी दी गई है कि मृतक ने अपने फेसबुक पर किसी को बताने की बात कहते हुए एक स्टेटस शेयर किया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के पास स्थित एक गोदाम से सीसीटीवी फुटेज को प्राप्त किया है जिसमें सभी आरोपियों के आते जाते हुए साफ देखा जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के अलावा अन्य तीन आरोपियों में भी एक नाबालिग युवक है। वह देवघर के एक सरकारी स्कूल का छात्र है। जबकि अन्य दो आरोपी विवेक व प्रशांत बालिक बताए जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों के परिजनों को थाना लाकर उनसे पूछताछ कर रही है।
घटना के कारणों का नहीं हो सका है स्पष्ट खुलासा
हालांकि जांच में अभी तक घटना के कारण का कोई स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। अनुमान लगाया जा रहा है कि एक गिरोह के सरगना को मृतक अमित सिंह द्वारा गाली दी गई थी। जिसके बाद उसके गुर्गों ने इस घटना को अंजाम दिया है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि आरोपी अमित की हत्या करने के मकसद से उसके घर गए होंगे लेकिन घटना के वक्त उसकी मां भी घर में मौजूद थी और इस दौरान बीच बचाव व विरोध करने के क्रम में उसे भी गोली लग गई होगी या मार दिया गया होगा। कई पहलुओं को ध्यान में रखकर पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है।
मामले में अमित के पिता के बयान पर तीन नामजद सहित चार-पांच अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी
घटना को लेकर मृतक अमित के पिता अनिल कुमार सिंह के बयान पर नगर थाना में तीन नामजद सहित चार पांच अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। दर्ज प्राथमिकी में उन्होंने जिक्र किया है कि सोमवार संध्या करीब 6:45 बजे एक लड़का अमित का दोस्त बोल कर उनके पास आया और उनसे कहा कि अमित भैया कहां है। जिस पर उन्होंने पूछा कि क्या बात है। इस पर उसने कहा कि अमित भैया से अपने मोबाइल से आप बात करवा दीजिए। उसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल से उस लड़का को बात करने के लिए दिया। बात करने के दौरान उक्त युवक उनसे कुछ दूर हटकर बात किया। जिसे वह नहीं सुन पाए। लेकिन उनके पुत्र अमित ने उससे उसका नाम पूछा था। अमित ने उस लड़का के मोबाइल पर अपने मोबाइल से फोन कर अपना नंबर दिया था। उसके बाद वह खाना खाकर अपनी ड्यूटी में करीब 7:15 बजे निकल गए। लेकिन उस लड़का को उन्होंने अपने मोड़ पर खड़ा देखा। उनका बड़ा लड़का अभिषेक कुमार सिंह घर में ही था। वह भी उस लड़के को जो देखने में बच्चा ढंग का था और जिसकी उम्र करीब 14 -15 वर्ष होगी उससे अमित कुमार सिंह कह कर बात करते हुए देखा था। उनका बड़ा लड़का अभिषेक भी लगभग 8:00 बजे रात्रि घर से ड्यूटी के लिए निकल गया। करीब 10 मिनट बाद अभिषेक कुमार सिंह को अंकित गुप्ता ने फोन कर बताया कि जल्दी हॉस्पिटल पहुंचें अमित को चोट लग गया है। उसके बाद उनका बड़ा लड़का अभिषेक ने हॉस्पिटल पहुंचकर उन्हें सूचना दी कि अमित के सीने में गोली मार दिया गया है। जिसके बाद वह तुरंत ड्यूटी छोड़कर हॉस्पिटल पहुंचे तो देखा कि अमित को सीना में गोली लगा हुआ है और अंतिम सांस ले रहा है। उसके बाद वो डॉक्टर से बोलकर हायर सेंटर के लिए रेफर करवाया। उसके बाद उनके बड़े बेटे ने कहा कि घर से पैसा ले लीजिए तो वह पैसा लेने के लिए घर गए तो उन्होंने देखा कि मुख्य दरवाजे पर घर के भीतर उनकी पत्नी अरुणा देवी मृत अवस्था में पड़ी हुई है और उसे भी गोली मारी गई है। उसे उठाकर उन्होंने हॉस्पिटल लाया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में अमित की भी मृत्यु हो गई। प्राथमिकी में यह भी जिक्र किया गया है कि बबीता चौधरी उर्फ बेबी एवं जया देवी उर्फ जया रजक उनके घर के पास हैं। जो प्रायः उनकी पत्नी से मारपीट गाली-गलौज धमकी दिया करती थी कि सभी को जान से मरवा देंगे। जिससे कि उन लोगों पर भी जान का खतरा बना हुआ था। हॉस्पिटल में उन्हें जानकारी मिली कि अंकित कुमार गुप्ता जो ठाढ़ी दुलमपुर का रहने वाला है एक अन्य नाबालिग जो सभी कुंडा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं ने गोली मारकर उनकी पत्नी अरुणा देवी पुत्र अमित कुमार सिंह की हत्या कर दी है।
उज्जवल नहीं है मामले में संलिप्त घटना के वक्त वह रिखिया थाना में था मौजूद
उज्जवल नामक एक युवक को सोमवार रात्रि पूछताछ के लिए पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था। वह घटना में संलिप्त नहीं है। घटना के वक्त वह रिखिया थाना में मौजूद था। इस संदर्भ में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार संध्या उज्जवल की बैद्यनाथपुर चौक के समीप किसी से मारपीट हुई थी। जिसमें वह व उसका एक अन्य साथी घायल हो गया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। जहां ऑन ड्यूटी डॉक्टर द्वारा इलाज कराने के बाद उसे रिखिया थाना की पुलिस अपने साथ थाना ले गई थी। हालांकि समाचार लिखे जाने तक उससे पूछताछ के लिए थाना में ही रखा गया था।



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