जय मल्हार।
जय खांडेराव जी महाराज।
ठीकरी की पावन भूमि पर गाड़ा खिंचाई का पारम्परिक पर्व है। यह पर्व विक्रम संवत 1251 से मनाया जा रहा है। इस पर्व पर 33 जोड़ गाड़ो को आपस में जोड़कर बनाया जाता है जिसके एक गाड़े का वजन करीब 5 क्विंटल रहता है । इन गाड़ो पर सैकड़ो भक्त बैठ जाते हे एवं गोधूलि बेला पर खांडेराव मंदिर के बड़वा के द्वारा इन गाड़ो को कंधा लगा कर चमत्कारिक रूप से खींचा जाता है जिस से ये सभी गाड़े भक्तो सहित चलने लगते है।
आप सभी इस पर्व में सादर आमंत्रित है।
खांडे खांडे की धार।
जय खांडेराव जी महाराज।
ठीकरी की पावन भूमि पर गाड़ा खिंचाई का पारम्परिक पर्व है। यह पर्व विक्रम संवत 1251 से मनाया जा रहा है। इस पर्व पर 33 जोड़ गाड़ो को आपस में जोड़कर बनाया जाता है जिसके एक गाड़े का वजन करीब 5 क्विंटल रहता है । इन गाड़ो पर सैकड़ो भक्त बैठ जाते हे एवं गोधूलि बेला पर खांडेराव मंदिर के बड़वा के द्वारा इन गाड़ो को कंधा लगा कर चमत्कारिक रूप से खींचा जाता है जिस से ये सभी गाड़े भक्तो सहित चलने लगते है।
आप सभी इस पर्व में सादर आमंत्रित है।
खांडे खांडे की धार।

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