टिहरी।। थौलधार के गैर नगुन मे हुए वन सरपंच चुनाव में सोशल मिडिया मे वायरल अनियमितता व पैसे देकर सरपंच बनाये जाने के आरोप की जाँच को लेकर राजस्व कानूनगो प्रताप सिह भण्डारी के द्वारा राजस्व विभाग की टीम के साथ गैर गाँव पहुँचकर ग्रामीणो के साथ वास्तविकता के बारे मे चर्चा कर जाँच की गई जिसमे महिला, पुरूषो के अलावा वार्ड सदस्य, उपप्रधान व काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे । बैठक मे वार्ड सदस्य विरिन्दा देवी, आरती देवी, बीना देवी, उपप्रधान गणेश लाल पूर्व कनिष्ठ प्रमुख सोनू देवी के द्वारा राजस्व उपनिरीक्षक बयाड़गाँव रविन्द्र कौशल की निगरानी मे बीते 2 अगस्त को हुए वन संरपंच चुनाव प्रक्रिया को सही और निष्पक्ष बताया गया और कहा कि वनसरपंच का चुनाव ग्रामीणों की सहमति से ही सम्पन्न हुआ । सोशलमीडिया पर वन सरपंच चुनाव मे राजस्व उपनिरीक्षक रविन्द्र कौशल पर लगे मनमानी व पैसे लेकर सरपंच बनाये जाने के आरोप को निरधार बताया
वही शिकायतकर्ता जयेन्द्र पडियार ने कहा कि उन्हे वन सरपंच के चुने जाने को लेकर कोई आपत्ति नही है वे भी चुने हुए वन संरपंच का समर्थन करते है लेकिन राजस्व उपनिरीक्षक के द्वारा उनसे फोन पर वन सरपंच चुने जाने की प्रक्रिया की जानकारी माँगे जाने पर गलतबयानी की गई जिसकी शिकायत वे उच्चाधिकारियों से करेगे जाँच को लेकर उन्होंने कहा कि जाँच के दौरान जिससे सम्बंधित जाँच है उन्हे साथ मे नही होना चाहिए था ।मामले पर जाँच अधिकारी राजस्व कानूनगो प्रताप सिह भण्डारी आज 8 अगस्त को गैर गाँव पहुँचे गैर गाँव पहुँचकर उनके द्वारा बीते 2 अगस्त को गैर नगुन गाँव मे वन सरपंच चुनाव मे हुई अनियमितता के आरोपों की जाँच को लेकर ग्रामीणों के साथ एक आम बैठक की गई । बैठक मे शिकायतकर्ता जयेंद्र पडियार व राजस्व उपनिरीक्षक बयाडगाँव रविन्द्र कौशल को भी बुलाया गया राजस्व कानूनगो प्रताप सिह भण्डारी ने बताया कि बैठक मे वर्तमान मे गाँव मे निवासरत करीब 50 परिवारो के करीब 45 से 50 उपस्थित ग्रामीणों के द्वारा अपनी अपनी राय रखी गई बैठक मे प्रधान स्वास्थ्य कारणो से उपस्थित नही हो पाई । बैठक मे सभी ने वन सरपंच चुनाव मे राजस्व उपनिरीक्षक रबिन्द्र कौशल के द्वारा चुनाव प्रक्रिया मे पैसे लेकर व नियमो को ताक मे रखकर वन संरपंच बनाये जाने के आरोपों को निराधार व गलत बताया । ग्रामीणों ने बताया कि बीते 2 अगस्त को ग्रामीणों की राय व आम सहमति से ही मंगल सिह पुत्र धूम सिह को वन सरपंच चुना गया जिसको लेकर उन्हे कोई आपत्ति नही है वही राजस्व उपनिरीक्षक रविन्द्र कौशल ने बताया कि उनके द्वारा उच्चधिकारियों के आदेश पर ही वन सरपंच चुनाव नियमानुसार ग्रमीणों की आम सहमति से ही सम्पन्न करवाये गये इस सम्बंध मे उनके द्वारा ग्राम प्रधान को फोन पर मैसेज भी दिया गया था लेकिन वे उपस्थित नही हुए लेकिन वन सरपंच चुने जाने के बाद प्रधान पति जयेंद्र पडियार के द्वारा चुनाव प्रक्रिया को गलत बताया गया तो मेरे द्वारा उन्हे बताया गया कि सरपंच का चयन ग्रामीणों की मौजूदगी मे ही हुआ फिर भी उन्हे कुछ गलत लगता है तो वे इस सम्बंध में उच्चधिकारियों के पास जा सकते है। लेकिन पैसे दे कर सरपंच बनाने का आरोप इस तरह से लगाना बेबुनियाद और गलत है वहां पर बैठक में समस्त ग्राम वासियों के हस्ताक्षर व अंगूठों के निशन
इस दौरान केन्द्र सिह, सुन्दर सिह, भाग सिह कृपाल सिह ,सरस्वती देवी, विमला देवी, चमन दास ,सग्रामी देवी, सुनील लाल इन्द्र सिह आदि ग्रामीण मौजूद रहे
टिहरी गढ़वाल से सुनील जुयाल की रिपोर्ट
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